नीमच। सिंगोली तहसील के ग्राम ताल में कृषि भूमि तक पहुंचने वाले वर्षों पुराने रूढ़िगत रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया है। किसान चमनलाल धाकड़ ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए खेत का रास्ता बंद किए जाने तथा मामले में राजस्व अमले द्वारा वास्तविक स्थिति के विपरीत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 278 पर स्थित है, जहां आने-जाने के लिए लंबे समय से उपयोग में लिया जा रहा रास्ता कुछ लोगों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है। इस संबंध में उसने पूर्व में तहसीलदार सिंगोली को भी आवेदन दिया था।
किसान का आरोप है कि स्थल निरीक्षण के बाद हल्का पटवारी ने बिना उसकी जानकारी और हस्ताक्षर के रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी, जिसमें रास्ता चालू होना बताया गया है। जबकि मौके पर वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है और वर्तमान में खेत तक पहुंचने का कोई सुगम मार्ग उपलब्ध नहीं है।
चमनलाल धाकड़ का कहना है कि रास्ता बंद होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध दस्तावेजों तथा सैटेलाइट चित्रों में भी पुराने रास्ते का अस्तित्व स्पष्ट दिखाई देता है।
किसान ने कलेक्टर से मामले की स्वतंत्र जांच कराने, मौके का पुनः निरीक्षण करवाने, बंद किए गए रूढ़िगत रास्ते को खुलवाने तथा कथित रूप से भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले संबंधित राजस्व अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हुई हैं।