चित्तौड़गढ़। सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने फर्जी फाइनेंस रिकवरी एजेंट बनकर हाईवे पर वाहनों को रोककर अवैध वसूली करने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वसूली में प्रयुक्त एक कार भी जब्त की है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि फर्जी फाइनेंस या रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को डराने-धमकाने तथा वाहनों को जब्त करने की धमकी देकर वसूली करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल कुमार शर्मा एवं डीएसपी बृजेश सिंह के निर्देशन में सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे स्थित बोजुन्दा पुलिया पहुंची, जहां तीन व्यक्ति एक बलेनो कार के साथ हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को रोककर स्वयं को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताकर किश्तों के नाम पर अवैध वसूली करते पाए गए।
पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन वे किसी भी फाइनेंस कंपनी के अधिकृत एजेंट होने या वाहन रिकवरी करने संबंधी कोई वैध लाइसेंस अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
साथ ही आरोपियों के पास मौजूद बलेनो कार के भी वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर उसे अवैध वसूली में प्रयुक्त वाहन मानते हुए धारा 38 पुलिस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
मदनलाल गुर्जर (30 वर्ष), निवासी सैती, थाना सदर चित्तौड़गढ़
शैतान सिंह राजपूत (31 वर्ष), निवासी लक्ष्मीपुरा, बराड़ा, थाना सदर चित्तौड़गढ़
राजू गुर्जर (31 वर्ष), निवासी बोजुन्दा, थाना सदर चित्तौड़गढ़
पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से अवैध वसूली की है।