नीमच/भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
आंदोलन के तहत 25 से 27 मई तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 28 एवं 29 मई को जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया। वहीं 30 मई से 1 जून तक सांसदों, विधायकों, मंत्रियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं रखीं।
कर्मचारियों ने बताया कि 2 जून 2026 से जिले के सभी संविदा कर्मचारी विभाग द्वारा सौंपे गए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। साथ ही 8 जून को प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को की गई नियमितीकरण की घोषणा को लागू करना, एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान करना, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई का समायोजन, वेतन विसंगतियों का निराकरण, नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश तथा समान कार्य के लिए समान वेतन एवं सुविधाएं शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।