रतलाम। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को बंद करने और इसके अधिकारियों, कर्मचारियों को अन्य विभागों में संविलियन के संभावना के चलते रतलाम में कर्मचारियों ने विरोध जताया। शासन की प्रस्तावित मंशा पर गहरी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग को समाप्त करने या संविलियन का निर्णय वापस नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर विभाग को अन्य विभागों में समाहित करने ओर लगभग 12 हजार अधिकारियों कर्मचारियों के संविलियन किया जा रहा है। इस विलय से ग्रामीण पेयजल व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। पीएचई विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है। भीषण गर्मी के दौरान विभाग का मैदानी अमला दिन रात गांवों में पेयजल आपूर्ति बनाएं रखने के लिए दिन रात काम कर रहा है।
विभाग केवल हैंडपंपों का संधारण ही नहीं करता बल्कि पेयजल स्त्रोतों की गुणवत्ता जांच, क्लोरिनेशन, जल जनित बीमारियों से जागरूकता प्रचार प्रसार कार्य, नवीन जल स्त्रोतों के चयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी निरंतर करता है।
दूरगामी परिणाम अच्छा नहीं होगा
आनंद कालोनी खंड कार्यालय में विरोध में शामिल कार्यपालन यंत्री एसआर जांगड़े ने कहा कि पीएचई विभाग हैंडपंप संधारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को निरंतर रूप से करता आ रहा है। संविलियन का दूरगामी परिणाम अच्छा नही होगा। इसलिए हम सभी इसका विरोध करते रहेंगे। एसडीओ जावरा इरफान अली ने कहा कि पूर्व में भी इस तरह का निर्णय लिया गया था। हैंडपंप सुधारने का कार्य पंचायत विभाग को सौंपा गया था जो कि पूर्णतः फेल रहा। पुनः खराब स्थिति में पीएचई विभाग को दिया गया।
विलय के विरोध में जारी रहेगी लड़ाई
मप्र पीएचई कर्मचारी संघ रतलाम के जिला अध्यक्ष जुल्फिकार अली ने कहा कि विलय के विरोध में एकता के साथ इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे। जिला सलाहकार आनंद व्यास ने बताया कि बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। रतलाम सहायक यंत्री डीसी कथिरिया, पर्वत सिंह कटारा, उपयंत्री, तकनीकी शाखा प्रभारी, स्थापना प्रभारी, रसायनज्ञ, ब्लॉक समन्वयक, हैंडपंप टेक्नीशियन, पीएमयू स्टाफ समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा।