खरगोन। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण के लिए बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश के बैनर तले पुराने अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए और शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए मांगों को पूरा करने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 32 हजार संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी सेवाओं के बावजूद हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मांगों पर सहमति बनने के एक वर्ष बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को की गई घोषणा के अनुसार सभी संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ, सामान्य प्रशासन विभाग की 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई समायोजन तथा पूर्व की भांति इंडिकेटर लागू करना शामिल है। वेतन विसंगतियों को दूर करने, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग भी की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।