नीमच। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार श्रवण एवं वाक बाधित दिव्यांगजनों के लिए विशेष विधिक जागरूकता अभियान ‘अनुगूंज’ के अंतर्गत शनिवार को नवीन जिला न्यायालय परिसर, नीमच में जिला स्तरीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नीमच द्वारा सामाजिक न्याय विभाग, दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, रेड क्रॉस सोसाइटी एवं नीमच बधिर संघ के सहयोग से किया गया। शिविर में जिले की विभिन्न तहसीलों से बड़ी संख्या में श्रवण एवं वाक बाधित महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान सामुदायिक मध्यस्थता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, योग तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों एवं इंटरप्रेटरों की सहायता से प्रतिभागियों को सभी जानकारियां सरल एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार बाजोलिया, रश्मि मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार बोरासी, न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपल गुप्ता, विष्णु दुबे, राजेश्वरी जर्मन एवं रिया मनधान्य सहित न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार, दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र के प्रशासनिक अधिकारी अभिलाष वर्मा, इंटरप्रेटर मुकेश शर्मा, मनोवैज्ञानिक भूरालाल अहीर, नीमच बधिर संघ के सचिव अशोक ऐरन सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य श्रवण एवं वाक बाधित व्यक्तियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा न्याय तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करना था।