नीमच। किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता और सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से ष्ई-विकास (वितरण एवं कृषि आपूर्ति समाधान) प्रणालीष् लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन और ई-टोकन जनरेशन की प्रक्रिया को मैदानी अमले तक पहुँचाने के लिए आज तहसील मनासा एवं रामपुरा में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कलेक्टर महोदय एवं एसडीएम मनासा के निर्देशन में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रातः 10ः00 बजे तहसील मनासा में तथा दोपहर 1ः00 बजे तहसील रामपुरा में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राहुल धाकड़ ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया।
धाकड़ द्वारा ई-विकास प्रणाली के तकनीकी पहलुओं और किसानों के लिए ई-टोकन बुक करने के विभिन्न विकल्पों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किसानों को खाद प्राप्ति में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और वितरण व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी रहेगी।
इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में तहसील मनासा एवं रामपुरा के समस्त पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम सहायक, पैक्स प्रबंधक और विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र प्रभारियों ने सहभागिता की। सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को इस नई ई-टोकन व्यवस्था के प्रति जागरूक करें ताकि किसान बिना किसी परेशानी के समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकें।