नीमच। अफीम सलाहकार समिति की बैठक के दौरान विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने अफीम खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा किसानों को अधिक लाभ दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अफीम उत्पादन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक का उपयोग शुरू किया जाना चाहिए, जिससे उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। इससे किसानों और देश दोनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अफीम की नपती एवं अंतिम निरीक्षण की प्रक्रिया को मौके पर ही पूर्ण कर किसानों को तत्काल समाधान दिया जाना चाहिए। किसानों को बार-बार परेशान करने के बजाय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाए।
विधायक सकलेचा ने कहा कि देश में औषधीय उपयोग के लिए अफीम की मांग लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नए किसानों को अवसर दिए जाएं तथा अधिक संख्या में पट्टे जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश की आवश्यकता के अनुरूप उत्पादन बढ़ाना समय की मांग है।
उन्होंने जैविक (ऑर्गेनिक) खेती को प्रोत्साहन देने की भी वकालत की। उनका सुझाव था कि जो किसान जैविक पद्धति अपनाते हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाए तथा उनके पट्टों के क्षेत्रफल में वृद्धि पर भी विचार किया जाए। इससे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम होगा और औषधीय गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
बैठक में अफीम किसानों के लिए बीमा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सकलेचा ने सुझाव दिया कि सभी अफीम किसानों के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू की जाए, जिससे कम लागत में अधिक किसानों को सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि एक लाख किसानों को एक साथ जोड़कर बीमा कराया जाए तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी और किफायती साबित होगी।
विधायक ने तकनीकी सहायता और वैज्ञानिक अनुसंधान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की भूमि की नियमित जांच, मिट्टी के कार्बन कंटेंट और अन्य वैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन कर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ अफीम उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय सुझावों को धरातल पर लागू किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।