BREAKING NEWS
KHABAR : कर्रापुर धाम में ब्रह्मलीन काशीदास.. <<     NEWS : रिटायर्ड अध्यापिका से 20 मिनट तक मारपीट,.. <<     SHORT : MP में Smart Meter वालों के लिए बड़ी खबर! बिजली बिल.. <<     KHABAR : ओंकारेश्वर में भागवत कथा के दूसरे दिन.. <<     BIG NEWS : सिंधिया ने मल्टीलेवल पार्किंग का किया.. <<     BIG REPORT : एलपीजी वितरकों की 7 मांगों से गरमाया.. <<     KHABAR : सकल हिंदू समाज ने सिंहस्थ अतिक्रमण पर.. <<     KHABAR : किरनापुर थाना पथराव मामला प्रायोजित था,.. <<     BIG NEWS : सात महीने से खाकी को चकमा दे रहा था एमडी.. <<     SHORT : मंदसौर में दर्दनाक हादसे के बाद बवाल!.. <<     KHABAR : मुरैना में खंडा-पत्थर के अवैध परिवहन पर.. <<     BIG BREAKING : मंदिर के बाहर कार हादसे के बाद भड़का.. <<     VIDEO UPDATE: किसानों के लिए बड़ा फैसला! दिन में 10 घंटे.. <<     KHABAR : क्षत्रिय नामदेव समाज के जिलाध्यक्ष बने.. <<     RJ. में 4 जिलों में बारिश का अलर्ट, क्या शुरू हुई.. <<     WEATHER UPDATE : मौसम ने ली करवट! मालवा में बारिश और आंधी.. <<     KHABAR : वीर तेजाजी की जन्मजयंती पर निकली भव्य.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 15, 2026, 1:48 pm
BIG NEWS : अफीम किसानों की आवाज़ को मिले सम्मान, धारा 8/29 पर हो पुनर्विचार, सलाहकार समिति की बैठक से पहले मंदसौर के पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने उठाए बड़े सवाल, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। आगामी अफीम नीति 2026-27 को लेकर नीमच के मंगलम रिसोर्ट में आयोजित अफीम सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से नीति निर्माण में शामिल करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि अफीम की खेती देश में सीमित क्षेत्रोंकृमुख्य रूप से मध्यप्रदेश और राजस्थानकृमें होती है तथा यह जीवनरक्षक औषधियों के निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। वर्षों से अफीम किसान अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इसलिए उनकी वास्तविक समस्याओं और सुझावों को नीति में स्थान मिलना चाहिए।

सिसौदिया ने कहा कि पहले अफीम किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन पिछले वर्षों में व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। इसके बावजूद अभी भी कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि अफीम सलाहकार समिति केवल औपचारिकता न बने, बल्कि किसानों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों को बैठक के कार्यवृत्त (मिनट्स) में शामिल कर उन पर अमल किया जाए। सांसद, विधायक और किसान प्रतिनिधि जमीनी स्तर पर किसानों के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं।

किसानों की प्रमुख मांगों पर दिया जोर-
पूर्व विधायक ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में अफीम मूल्य वृद्धि, सीपीएस पद्धति की समीक्षा, पट्टा व्यवस्था में सुधार तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के प्रावधानों पर पुनर्विचार शामिल हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1984 में बने कानूनों में समय के अनुसार आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए, ताकि निर्दाेष किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जलवायु और मिट्टी अफीम उत्पादन के लिए देश में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है तथा यहां के किसान निर्धारित मानकों से अधिक उत्पादन जमा कराते हैं। ऐसे में किसानों की सुविधाओं और अधिकारों में भी वृद्धि होना आवश्यक है।

नारकोटिक्स विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल- 
सिसौदिया ने नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब राज्य पुलिस मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ती है तो आरोपियों के नाम, वाहन और जब्ती की जानकारी सार्वजनिक की जाती है, जबकि नारकोटिक्स विभाग की कई कार्रवाइयों में पर्याप्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।

उन्होंने मांग की कि विभाग की कार्रवाई अधिक पारदर्शी हो तथा जब्ती, आरोपी और वाहन संबंधी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाए, जिससे लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।

सुझावों को गंभीरता से लेने की अपील- 
पूर्व विधायक ने कहा कि अफीम सलाहकार समिति की बैठक में किसानों, विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों द्वारा रखे गए सुझावों पर केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय और नारकोटिक्स विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी अफीम नीति किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी, जिससे अफीम उत्पादक किसानों को राहत और बेहतर अवसर मिल सकें।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE