धार। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लालबाग से लेकर नगरपालिका तक एक अनोखी रैली निकाली और जोरदार हंगामा किया। इस दौरान कांग्रेसी अपने हाथों में मटके, चूड़ियां और मटमैले पानी से भरी बोतलें लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि नगर पालिका के बाहर पुलिस और फायर ब्रिगेड को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मटके फोड़े, चूड़ियां तोड़ी और किया अनेखा प्रदर्शन
शहर में पिछले कई दिनों से आ रहे गंदे पानी के विरोध में महिलाओं ने हाथों में मटके ले रखे थे तो वहीं युवा कांग्रेसी नलों से आने वाले पीले और कीचड़ युक्त पानी की बोतलों में भरकर प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेसी नगर पालिका के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्व प्रताप सिंह को भेट करने के लिए चूड़ियां भी साथ लाए थे, जिन्हें बाद में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने वहीं तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिसर के बाहर मटके फेंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
5 से 6 दिनों बाद आ रहा केवल 15 मिनट पानी
युवा कांग्रेस ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि धार शहर की जनता पानी की गंभीर किल्लत और खतरनाक जल सप्लाई से जूझ रही है। ज्ञापन में बताया गया कि शहर में 5 से 6 दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई हो रही है वह भी मात्र 15 से 20 मिनट के लिए।
यही नहीं नलों से आने वाला पानी अत्यधिक बदबूदार, पीले रंग का और कीचड़ मिला हुआ रहता है जो सेहत के लिए हानिकारक है। ज्ञापन में यह भी जिक्र किया गया है कि नगर पालिका द्वारा न तो पुरानी पाइपलाइनों को सुधारा गया है और न ही फिल्टर प्लांट की स्थिति को ठीक किया जा रहा है।
“सीएमओ साहब रील बनाने में व्यस्त हैं, जनता प्यासी है” कृ रोहित कामदार
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रोहित कामदार ने नगर पालिका प्रशासन और सीएमओ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमें सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि कलेक्टर साहब ने खुद प्लांट का निरीक्षण कर नगर पालिका को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। लेकिन सीएमओ साहब सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त रहते हैं। अगर वे रील बनाने के बजाय शहर के विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान दें तो यह नौबत नहीं आती। कामदार ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस नगर पालिका में तालाबंदी आंदोलन करेगी।
सीएमओ की सफाई- यह पुराना पानी है अब साफ सप्लाई हो रही है।
इस पूरे हंगामे और आरोपों पर नगर पालिका सीएमओ विश्व प्रताप सिंह ने मीडिया के सामने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि धार शहर में तालाब से पानी की सप्लाई होती है। चूंकि जल स्तर काफी कम हो चुका है इसलिए शुरुआत में मटमैला पानी आ रहा था।
सीएमओ ने कहा कि हमारे द्वारा पानी में ब्लीचिंग पाउडर मिलाकर उसे लगातार साफ किया जा रहा है। अधिकारियों ने खुद फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया है। कांग्रेसी जो पानी बोतलों में भरकर लाए हैं वह पुराना पानी है। अब शहर में साफ पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है बल्कि आज तो शहर में पानी की सप्लाई हुई ही नहीं है। वहीं सोशल मीडिया पर रील बनाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि नगर पालिका की हर छोटी-बड़ी एक्टिविटी को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर डाला जाता है।
फिलहाल प्रशासन के 10 दिन के अल्टीमेटम और कांग्रेस की तालाबंदी की चेतावनी के बाद अब देखना होगा कि धार शहर की जनता को इस भीषण गर्मी में गंदे और बदबूदार पानी से कब तक निजात मिलती है।