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June 18, 2026, 6:25 pm
KHABAR : टीईटी से राहत की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने उठाई सेवा सुरक्षा की मांग, पढ़े खबर 

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नीमच। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों की सुरक्षा एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी राहत की मांग को लेकर गुरुवार को जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय में सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा टीईटी को न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता घोषित किए जाने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों की नियुक्तियां तत्कालीन नियमों एवं निर्धारित पात्रताओं के अनुरूप वैध थीं। ऐसे में बाद में लागू किए गए नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है।

शिक्षकों ने कहा कि 29 मई 2026 को सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के बाद वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के बीच सेवा सुरक्षा को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति को दूर करने के लिए सरकार से विधायी एवं नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की गई है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए, उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य वैधानिक सेवा लाभों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यकता होने पर संसद में विशेष संशोधन या प्रावधान लाकर उन्हें स्थायी राहत प्रदान की जाए।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे लाखों शिक्षकों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों के सेवा अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
 

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