सिंगोली। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती सर्वसमाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा बुधवार को सिंगोली में श्रद्धा, उत्साह और साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन एकत्रित हुए और महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप एवं उनके स्वामीभक्त अश्व चेतक की प्रतिमाओं के जलाभिषेक से हुई। इसके पश्चात थड़ोद के महंत श्री रामप्रिय दास जी महाराज ने विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक कर माल्यार्पण एवं धूप-दीप प्रज्वलित किया। उपस्थित जनों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर महाराणा प्रताप के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस दौरान “वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप अमर रहें” और “जय राणा प्रताप” के जयघोषों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम के समापन पर महाराणा प्रताप प्रेमियों द्वारा 251 दीप प्रज्वलित कर प्रतिमा स्थल को रोशनी से सजाया गया। दीपों की मनमोहक आभा ने पूरे परिसर को भक्तिमय और आकर्षक बना दिया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनके आदर्शों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश जैन, उपाध्यक्ष मोतीलाल धाकड़, पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजकुमार मेहता सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों, करणी सेना, परशुराम सेना, महाराणा प्रताप सेना एवं सर्वसमाज के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।