मंदसौर। मुहर्रम के पावन अवसर पर बुधवार रात मंदसौर शहर में पारंपरिक चौकी निकाली गई, जिसमें मुस्लिम समाज के हजारों लोगों ने श्रद्धा और अकीदत के साथ भाग लिया। श्रद्धालुओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
इस्लाम में मुहर्रम का महीना त्याग, सब्र और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यह महीना कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन द्वारा इंसानियत, न्याय और सत्य की रक्षा के लिए दी गई महान शहादत की याद दिलाता है।
पारंपरिक चौकी शेखा चौक से प्रारंभ होकर बोराबाखल, सम्राट मार्केट, घंटाघर सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई देर रात मंडी गेट पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा के दौरान युवाओं ने अखाड़ों के माध्यम से पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्ग के दोनों ओर मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। वहीं मुस्लिम समाज के स्वयंसेवकों ने भी यातायात एवं आयोजन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है और यह त्याग, धैर्य, भाईचारे तथा इंसानियत का संदेश देने वाला माना जाता है।