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June 18, 2026, 5:19 pm
KHABAR : उत्कृष्ट विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम बंद करने के फैसले पर उठे सवाल, आरटीआई खुलासे के बाद प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा तेज, हारून रशीद कुरैशी ने कहा- विद्यार्थियों को होगा नुकसान, पढ़े खबर 

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नीमच। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं बंद किए जाने का पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हारून रशीद कुरैशी ने विद्यालय प्रबंधन के निर्णय पर सवाल उठाए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर 2011 को आयोजित विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में अंग्रेजी माध्यम से संचालित कक्षाओं को बंद करने का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया था। दस्तावेजों में इसके पीछे कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरों का अभाव तथा अंग्रेजी माध्यम में छात्रों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ने को प्रमुख कारण बताया गया है।

हारून रशीद कुरैशी का कहना है कि विद्यालय में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना तथा छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करना प्रबंधन की जिम्मेदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के बजाय अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं बंद कर दी गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने इस मामले में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समय रहते प्रभावी पहल की जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि जब सरकारें सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती हैं, तब ऐसे निर्णयों की समीक्षा होना आवश्यक है।

कुरैशी ने मांग की है कि विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं को पुनः प्रारंभ करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

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