भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस का ष्लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रहष् जारी है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठाए हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा से चंदा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सत्याग्रह स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन, कांग्रेस नेता पीसी शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस विषय पर भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य भी बताए जाते हैं। सिंह ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है तो मुख्य चुनाव आयुक्त रहते हुए किसी ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है। उन्होंने इस विषय पर भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता बताई।
‘नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र के खिलाफ’
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। वहीं कार्यक्रम के दौरान चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक हमला बोला।
रोशनपुरा चौराहे पर चल रहे इस सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
कांग्रेस को नहीं मिली कहीं से भी राहत
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग अधिकारी ने तेलंगाना में एक न्यायालयीन मामले में तलब किए जाने की जानकारी न दिए जाने पर निरस्त कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में अपील की और रिटर्निंग अफसर के फैसले का विरोध किया, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। इसलिए अब कांग्रेस इस मामले में चरखा चलाकर सत्याग्रह आंदोलन कर रही है।