खरगोन। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संबंधी अधिसूचना तथा उच्चतम न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों में गहरी चिंता व्याप्त हो गई है।
मप्र शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक गुरुवार को एकजुट हुए। शिक्षक नवग्रह मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने अपने सेवाधिकारों के संरक्षण हेतु विधायी एवं नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले ही जिला प्रशासन से लेकर उच्च न्यायालय तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।