चित्तौड़गढ़/नीमच। अफीम खेती को लेकर एक ओर जहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के किसानों में डोडाचूरा नष्टीकरण के आदेशों तथा अफीम पट्टों को लेकर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग किसानों की अफीम फसल की गुणवत्ता, उत्पादन और मार्फिन प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कर रहा है। रविवार को चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला स्थित एलवा माता मंदिर में आयोजित अफीम किसान संघ की बैठक में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। जबकि नीमच में नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम काश्तकारों को वैज्ञानिक खेती एवं बेहतर उत्पादन के गुर सिखाए गए।
राजस्थान के डूंगला में आयोजित हुई अफीम काश्तकारों की बैठक-
डूंगला में आयोजित बैठक में राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के बड़ी संख्या में अफीम काश्तकार शामिल हुए। बैठक में डोडाचूरा नष्टीकरण के आदेश, पूर्व वर्षों के डोडाचूरा के निस्तारण, अफीम पट्टों को लेकर किसानों को दी जा रही चेतावनियों तथा अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने इन मुद्दों को लेकर नाराजगी जताते हुए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का निर्णय लिया।
किसानों की मांगों के समर्थन में कल निकलेगी जागृति रैली-
अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने घोषणा की कि किसानों की मांगों के समर्थन में 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से प्रारंभ होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, भिंडर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निंबाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए 26 जून को चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पहुंचेगी।
26 जून को चित्तौड़गढ़ में महापड़ाव-
रैली के समापन पर किसान चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपेंगे तथा महापड़ाव डालेंगे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा। किसान संघ ने जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, व्यापारिक संगठनों एवं आमजन से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
-
नीमच के टाउन हॉल में विशेष प्रशिक्षण शिविर-
इधर, नीमच में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा प्रथम उपखंड के अफीम काश्तकारों के लिए टाउन हॉल में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कृषि वैज्ञानिकों एवं नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने किसानों को अफीम उत्पादन बढ़ाने, फसल की गुणवत्ता सुधारने तथा मार्फिन प्रतिशत में वृद्धि करने संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी लालाराम दिनकर की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण में किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, फसल प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
मार्फिन प्रतिशत के आधार पर होता है पट्टों का निर्धारण-
अधिकारियों ने कहा कि अफीम काश्तकारों को दिए जाने वाले पट्टों का निर्धारण मुख्य रूप से मार्फिन प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। ऐसे में किसानों के लिए यह आवश्यक है कि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी फसल की गुणवत्ता और मार्फिन मात्रा में वृद्धि करें। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसान अधिक उत्पादन के साथ बेहतर गुणवत्ता वाली अफीम उपज प्राप्त कर सकें।