भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी सहकारिता चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने और ग्रामीण स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी सिलसिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक हाई-पावर 7 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया है, जो चुनावों की कमान संभालेगी।
सहकारिता के साथ किसान मुद्दों पर रहेगा फोकस
कांग्रेस द्वारा गठित यह 7 सदस्यीय समिति न केवल सहकारिता चुनाव के लिए रणनीति तैयार करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी काम करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं, खाद-बीज की किल्लत, कर्ज और फसलों के दाम जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर सहकारिता चुनाव में अपनी जमीन मजबूत करना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सहकारिता के जरिए ग्रामीण वोट बैंक पर सीधा प्रभाव डाला जा सकता है।
समिति में शामिल हुए ये 7 दिग्गज नेता
कांग्रेस ने इस हाई-पावर कमेटी में राज्य के उन वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को शामिल किया है, जिनकी ग्रामीण क्षेत्रों और किसान राजनीति पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। समिति के सदस्यों के नाम निम्नलिखित हैं।
अरुण यादव (पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष)
अशोक सिंह (वरिष्ठ कांग्रेस नेता)
डॉ. गोविंद सिंह (पूर्व नेता प्रतिपक्ष)
भगवान सिंह यादव
भंवर सिंह शेखावत
चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी
वीरेंद्र गिरी गोस्वामी