चित्तौड़गढ़। विश्व ऊंट दिवस के अवसर पर सोमवार को रेबारी समाज द्वारा वीर हड़मलजी रायका गौरव दिवस उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालकर ऊंट संरक्षण एवं उसके ऐतिहासिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
शहर के सांवरिया विश्रांति गृह में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाला राष्ट्रीय पशु ऊंट मानव जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रखता है। ऊंट केवल परिवहन का साधन ही नहीं, बल्कि मरुस्थलीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंटों की घटती संख्या चिंता का विषय है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। रेबारी समाज वर्षों से इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लक्ष्मणनाथ महाराज (जैतारण) एवं प्रेमनाथ महाराज (डेरावल) रहे, जबकि अध्यक्षता रेबारी समाज के जिलाध्यक्ष श्रीलाल रायका ने की।
हड़मल संरक्षण समिति के जिला संयोजक राजाराम रायका ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 22 जून को विश्व ऊंट दिवस को वीर हड़मलजी रायका गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके तहत सुबह महाराणा प्रताप सेतु मार्ग स्थित खरड़िया महादेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में सजे-धजे ऊंट, ऊंटगाड़ियां, पारंपरिक वेशभूषा में समाजजन एवं बैंड-बाजों की आकर्षक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए भाग लिया। यात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा कलेक्ट्रेट चौराहा, सुभाष चौक होते हुए किला रोड स्थित शेषावतार कल्लाजी मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम के दौरान समाज की विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश विकलांग समिति अध्यक्ष झालाराम रायका (पाली), अर्जुनलाल रायका, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक रायका, भाजपा भदेसर मंडल अध्यक्ष हीरालाल रायका, प्राचार्य मिठुलाल रेबारी, भंवर रायका, कार्तिक रायका, तहसील अध्यक्ष डॉ. सुखराम रायका, जीवनलाल रायका (आकोड़िया), तुलसीराम रायका सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पृथ्वीराज रेबारी ने किया।