हरदा। अघोषित बिजली कटौती, मनमाने बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आक्रोश सामने आया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कंपनी के डीई कार्यालय का घेराव कर प्रदेश सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व हरदा विधायक डॉ. आर के दोगने और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल हुए।
पुलिस के साथ तीखी बहस
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गरमा गया जब आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने बिजली कंपनी के कार्यालय के अंदर जबरन घुसने का प्रयास किया। गेट पर पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी बहस और झूमाझटकी होती रही। कार्यकर्ताओं ने वहीं धरने पर बैठकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
‘स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटा जा रहा है’- गोविंद व्यास
घेराव के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार बिजली के बिल बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ी जा रही है। अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और तकनीकी खराबी से जनता त्रस्त है, लेकिन शिकायतों के बाद भी अफसर सुध नहीं ले रहे हैं।
गर्मी बढ़ने से लोड बढ़ा, इसलिए हो रहे फॉल्टरू बिजली विभाग
हंगामे और प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग के डीई संजय यादव ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण इन दिनों बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के कारण फॉल्ट की स्थिति बन रही है। उन्होंने सफाई दी कि फॉल्ट सुधार कार्य के दौरान ही कुछ समय के लिए बिजली की आपूर्ति रोकी जाती है।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने विभाग के इस तर्क को खारिज करते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अघोषित कटौती पर लगाम नहीं लगी और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।