चित्तौड़गढ़। जिले में आज विभिन्न स्थानों पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों में ग्रामीणों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, विद्युत, कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीणों को प्रशासनिक सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ उनके निकटतम स्थान पर उपलब्ध कराना है। आज गंगरार पंचायत समिति के साड़ास, कपासन के छापरी, भूपालसागर के उसरोल, राशमी के सिंहाना, बेगूं के माधोपुर एवं नंदवाई, निम्बाहेड़ा के मरजीवी एवं कोटडी कलां, बस्सी, बड़ी सादड़ी के पिण्ड, डूंगला के मंगलवाड़ तथा चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के अरनिया पंथ एवं घोसुण्डी सहित 13 ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित हुए।
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ पक्का मकान का सपना
कपासन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत छापरी निवासी नाराणी बाई पत्नी नाथूलाल कुम्हार ने बताया कि उनका परिवार कई वर्षों से कच्ची झोपड़ी में रह रहा था और मौसम की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीण सेवा शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें आवास का लाभ मिला, जिससे उनका पक्के मकान का सपना पूरा हुआ। उन्होंने राजस्थान सरकार एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
शिविर में हुआ बंटवारे का समाधान, काश्तकार को मिली राहत
ग्रामीण सेवा शिविर 2026 ग्राम पंचायत सिंहाना में मेदखेड़ी निवासी काश्तकार कंकू बाई पत्नी सवाईराम गुर्जर की निजी कृषि भूमि में सहखातेदार होने के कारण लंबे समय से समस्या बनी हुई थी। शिविर में राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रकरण को तत्काल संज्ञान में लिया। जमाबंदी एवं नक्शे की प्रमाणित प्रतियों के आधार पर तहसीलदार राशमी द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर बंटवारा प्रक्रिया पूर्ण की गई। समाधान होने पर काश्तकार ने खुशी जाहिर करते हुए राजस्थान सरकार का धन्यवाद दिया।
नियम-157 के तहत मिला पट्टा, लाभार्थी के चेहरे पर आई खुशी
ग्राम पंचायत सिंहाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पंचायती राज नियम-157 के तहत निवासी बालूराम शर्मा को पट्टा जारी किया गया। लंबे समय से लंबित समस्या का शिविर में त्वरित समाधान हुआ। पट्टा मिलने के बाद लाभार्थी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। उन्होंने विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया।
आपसी समझाइश से रास्ते का विवाद समाप्त
ग्राम पंचायत करजाली निवासी रामेश्वर लाल पिता नारायण लाल ब्राह्मण को अपने खेत पर जाने के रास्ते को लेकर लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विवाद के कारण समय एवं धन की हानि हो रही थी। उन्होंने उपखण्ड अधिकारी के समक्ष धारा 251-क के तहत प्रकरण प्रस्तुत किया।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपखण्ड अधिकारी राजेश सुवालका, तहसीलदार मोहम्मद नासिर बेग, भू-अभिलेख निरीक्षक गिरधारी लाल खटीक एवं पटवारी भरत सुढबड़ा ने दोनों पक्षों को शिविर में बुलाकर आपसी समझाइश करवाई। दोनों पक्षों ने सहमति से राजीनामा प्रस्तुत किया, जिससे कृषि भूमि तक आने-जाने का रास्ता उपलब्ध हो गया। दोनों पक्षों ने समाधान पर खुशी जताई।
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करते हुए पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।