मुरैना। शहर की यातायात व्यवस्था सोमवार को एक बार फिर पूरी तरह चरमराती नजर आई। पुल तिराहा से लेकर कोतवाली तक कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिसमें आम नागरिकों के साथ-साथ एंबुलेंस वाहन भी फंस गए। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, व्यापारी और राहगीर घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे। कई वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते दिखाई दिए, जबकि मुख्य मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में यह समस्या रोजाना गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। टूटी-फूटी सड़कें और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था मिलकर स्थिति को और बिगाड़ रही हैं।
नगर निगम पर भी सवाल उठ रहे हैं कि शहर की सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। वहीं यातायात पुलिस की मौजूदगी और सख्ती के बावजूद जाम की समस्या पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन द्वारा समय-समय पर नियम और व्यवस्थाएं बनाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन उनका धरातल पर पालन नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप शहरवासियों को रोजाना जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि मुरैना की जनता को इस अव्यवस्था से आखिर कब राहत मिलेगी और क्या जिम्मेदार विभाग इसका कोई स्थायी समाधान निकाल पाएंगे।