श्योपुर। जिले की बड़ौदा तहसील के ग्राम महाराजपुरा और कलोनी के किसानों ने सोमवार को बिजली कंपनी के महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। किसान पिछले 40 दिनों से कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित थे। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
आंधी-तूफान के बाद से ठप थी बिजली
किसानों ने बताया कि 28 मई को आए तेज आंधी-तूफान के कारण खेतों से निकलीं कृषि पंपों की विद्युत लाइनें और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस समस्या को लेकर बिजली कंपनी को कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन लंबे समय बाद भी टूटे हुए बिजली के खंभों और तारों की मरम्मत नहीं की गई। इसके चलते क्षेत्र के कृषि पंप बंद पड़े थे और किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे।
एसई ने ठेकेदार और अधिकारियों को दिए निर्देश
कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के एसई विनोद भदौरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्या को सुनते हुए ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के कड़े निर्देश दिए।
आश्वासन के बाद किसानों ने खत्म किया धरना
बिजली कंपनी के आला अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, जसवंत सिंह बछेरी, महेंद्र प्रेमपुरा, पन्नालाल ललितपुरा, भागचंद कलोनी, सुग्रीव कलोनी, रामनरेश महाराजपुरा और विराट लूंड सहित भारी संख्या में प्रभावित किसान मौजूद थे।