नीमच। मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ, जिला नीमच ने प्रदेश के करीब 38 हजार कोटवारों की वर्षों से लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर विधायक दिलीप सिंह परिहार को ज्ञापन सौंपा। संघ ने आगामी विधानसभा सत्र में इन मुद्दों पर तारांकित एवं अतारांकित प्रश्न लगाकर सरकार से जवाबदेही तय कराने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि कोटवार आजादी से पहले से ग्रामीण प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं और आज भी शासन तथा ग्रामीण जनता के बीच अहम कड़ी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित सेवा, पर्याप्त सुविधाएं और अधिकार अब तक नहीं मिल सके हैं।
संघ ने छह प्रमुख मांगों को विधानसभा में उठाने का आग्रह किया है। इनमें सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये की सहायता राशि एवं अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान लागू करना, कोटवारों के पद का नियमितीकरण, सेवा भूमि पर मालिकाना हक बहाल करना, विभागीय कार्यों के लिए सीयूजी सिम उपलब्ध कराना, वर्दी वितरण में कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच तथा वर्दी खरीद की पूर्व व्यवस्था बहाल करना शामिल है।
संघ ने आरोप लगाया कि पहले वर्दी खरीद के लिए राशि सीधे कोटवारों के खातों में जमा की जाती थी, जबकि वर्तमान में ठेका प्रणाली के माध्यम से निम्न गुणवत्ता की वर्दियां वितरित की जा रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया की लोकायुक्त या आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की गई।
संघ का कहना है कि प्रदेश के हजारों कोटवार परिवार लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसलिए विधानसभा के माध्यम से इन मुद्दों का समाधान कर उन्हें न्याय दिलाया जाना चाहिए। ज्ञापन के जरिए विधायक दिलीप सिंह परिहार से कोटवारों की आवाज विधानसभा तक पहुंचाने और उनके हितों की प्रभावी पैरवी करने का आग्रह किया गया।