रतलाम। जिले के जावरा के रुपनगर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अपने शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ का तबादला निरस्त कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनोखा प्रदर्शन किया। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे अपने अभिभावकों के साथ जनसुनवाई में पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक कलेक्टर मिशा सिंह का इंतजार करते रहे। बच्चे लगातार गुहार लगाते रहे कि उनके शिक्षक का ट्रांसफर रोक दिया जाए। उनका कहना था कि वे पिछले आठ दिनों से स्कूल भी नहीं जा रहे हैं।
विद्यार्थी हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर पहुंचे थे। तख्तियों पर लिखा था- ष्कलेक्टर मैडम दया करोष्, ष्राठौड़ सर का ट्रांसफर वापस करोष्, ष्हमने आपका क्या बिगाड़ा, जो हमारा स्कूल उजाड़ाष्, ष्रुपनगर का अभियान, राठौड़ सर हैं गांव की शानष्। बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर में सीढ़ियों के पास बैठकर कलेक्टर से मिलने की मांग करते रहे।
परिजनों ने बताया कि वे आठ दिन पहले भी जनसुनवाई में पहुंचे थे, लेकिन शिक्षक का तबादला निरस्त नहीं हुआ। इस बार बच्चों को साथ लाकर कलेक्टर से सीधे मिलने का प्रयास किया गया ताकि प्रशासन उनकी भावनाओं और समस्या को समझ सके। बच्चों का कहना था कि वे किसी दूसरे शिक्षक से नहीं पढ़ना चाहते।
सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत को बच्चों से मिलने भेजा। उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले पर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन बच्चे कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी और बच्चे बिना मिले ही लौट गए।
बाद में शहर एसडीएम तरुण जैन और जिला शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि डीईओ और डीपीसी मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। इस पर जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब बच्चे और अभिभावक खुद अपनी बात रख रहे हैं तो जांच की जरूरत नहीं है, तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।
आठ दिन में फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर शिक्षक का तबादला निरस्त नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार रुपनगर का शासकीय प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है। शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ ने अपने निजी खर्च से स्कूल को बेहतर बनाया। बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी शिक्षक भी अपने खर्च पर रखा। स्कूल में 65 विद्यार्थी पढ़ते हैं और कई बच्चे धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं। शिक्षक के तबादले की खबर के बाद बच्चे भावुक हो गए थे और कई रो पड़े थे।
अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत ने कहा कि विद्यार्थियों और ग्रामीणों की बात सुनी गई है। सभी पक्षों से चर्चा कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।