खंडवा। मध्य प्रदेश में खाद संकट, गेहूं और मूंग खरीदी में आ रही दिक्कतों को लेकर अब सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। खंडवा के केवलराम चौराहे पर उस समय भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब किसान कांग्रेस के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोल दिया। कांग्रेसियों ने प्रदेश के कृषि मंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झूमा-झटकी, धक्का-मुक्की और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
फायर ब्रिगेड से छोड़ी पानी की बौछारें, और उग्र हुए कांग्रेसी!
जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि मंत्री का पुतला निकालकर उसे आग लगाने का प्रयास किया, वहां पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने उन्हें बलपूर्वक रोकने की कोशिश की। दोनों तरफ से जमकर खींचतान हुई।
पुतले की आग को बुझाने और भीड़ को खदेड़ने के लिए प्रशासन ने पहले से खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से कांग्रेसी नेताओं पर सीधे पानी की तेज बौछारें छोड़ दीं। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेसी और ज्यादा भड़क गए और पानी में भीगते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
‘जो मिट्टी खरीदने का दावा करते थे, वो गेहूं-मूंग भी नहीं खरीद पा रहे’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोनू गुर्जर और वरिष्ठ नेताओं ने सरकार के दावों की पोल खोलते हुए तीखे आरोप लगाए। कांग्रेसी नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार चुनाव के वक्त किसानों के खेत की ‘मिट्टी तक’ खरीदने के बड़े-बड़े दावे और वादे कर रही थी, वह आज इतनी लाचार हो चुकी है कि अन्नदाताओं का पैदा किया हुआ गेहूं और मूंग भी सही तरीके से नहीं खरीद पा रही है।
घुटनों के बल चलकर कलेक्ट्रेट घेरेंगे किसान
किसान कांग्रेस अध्यक्ष सोनू गुर्जर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह तो सिर्फ एक शुरुआत है। अगर प्रशासन और सरकार ने खाद का संकट तुरंत दूर नहीं किया और गेहूं-मूंग खरीदी की विसंगतियों को नहीं सुधारा, तो आने वाले दिनों में जिले भर के किसान घुटनों के बल चलकर कलेक्टर कार्यालय जाएंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।