जावरा। तहसील क्षेत्र के ग्राम सेजावता में किसानों के खेतों तक जाने वाले पारंपरिक मार्ग पर कथित कब्जे का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। रास्ता बंद होने से परेशान बड़ी संख्या में किसान गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को आवेदन सौंपकर मार्ग खुलवाने की मांग की।
किसानों ने बताया कि उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए वर्षों पुराना रास्ता उपयोग में लिया जाता रहा है। इसी मार्ग से किसान ट्रैक्टर और कृषि उपकरण लेकर खेतों तक पहुंचते हैं। आरोप है कि एक कॉलोनाइजर द्वारा इस रास्ते पर दीवार बनाकर कब्जा कर लिया गया है, जिससे किसानों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
किसानों का यह भी कहना है कि रास्ता बंद होने से बारिश के दौरान पानी निकासी की समस्या उत्पन्न हो सकती है और खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल रास्ता बहाल कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तहसीलदार पंकज पवैया को मौके पर जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार राजस्व अमले के साथ ग्राम सेजावता पहुंचे और स्थल निरीक्षण कर दोनों पक्षों से जानकारी ली।
इस दौरान किसान नेता डीपी धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। धाकड़ ने कहा कि किसानों के वर्षों पुराने रास्ते को बंद कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया तो किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं तहसीलदार पंकज पवैया ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर लिया गया है। राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के आधार पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों को समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है।