चित्तौड़गढ़। बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड, इकाई चंदेरिया की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत संचालित अंकुर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के क्षमता संवर्धन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड, यूनिट चंदेरिया के इकाई प्रमुख जयंत कंडपाल, मानव संसाधन प्रमुख हेमंत किशोर श्रीवास्तव, सीएसआर टीम, एनजीओ तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण में चित्तौड़गढ़ जिले के 43 आंगनवाड़ी केन्द्रों से कुल 58 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के ज्ञान एवं कौशल को सुदृढ़ बनाना था, ताकि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा प्रारंभिक बाल विकास से संबंधित सेवाओं को अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी ढंग से प्रदान कर सकें।
पूरे दिन चले इस प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक बाल विकास, व्यवहार परिवर्तन संचार, प्रभावी परामर्श कौशल, समुदाय से संवाद तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर यूनिट हेड जयंत खंडपाल ने कहा कि ष्आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समुदाय और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, कृषि एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है। श्अंकुरम्श् स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से हमारा उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की क्षमता को और अधिक सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में उपस्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बिरला कॉर्पाेरेशन लिमिटेड की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के ज्ञान और कार्यकुशलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा विभाग और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हैं।