नीमच। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जन्मजात विकृतियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों को चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से उपचार की सुविधा दी जा रही है।
इसी क्रम में 20 अगस्त को अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लब फुट, भोपाल के सहयोग से जिला चिकित्सालय नीमच में क्लब फुट शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्लब फुट से ग्रसित 9 बच्चों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। इनमें 2 बच्चों को प्लास्टर लगाया गया, 5 बच्चों को करेक्टिव शूज उपलब्ध कराए गए, जबकि 2 बच्चों की जिला चिकित्सालय में टेनोटॉमी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।
क्लब फुट जन्मजात पैर की विकृति है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर बच्चों को चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। आरबीएसके के माध्यम से ऐसे बच्चों की समय पर पहचान कर विशेषज्ञ उपचार से जोड़ने का उद्देश्य उन्हें स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ाना है।
शिविर में माही रावत, प्रांजल पटेल, निहाल चौहान, जोहरान कुरैशी, मीताली बघाना, पीयूष मीणा, फरहान कुरैशी, अक्षिता चौहान एवं अदिविका भील को उपचार का लाभ मिला।
समय पर पहचान, सही उपचार से बेहतर भविष्य-
आरबीएसके के तहत जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान एवं उपचार बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। समय पर उपचार मिलने से क्लब फुट से प्रभावित बच्चों को चलने-फिरने में होने वाली परेशानियों से बचाया जा सकता है।
शिविर में जिला चिकित्सालय के आर्थाेपेडिक सर्जन डॉ. अतुल सोलंकी एवं उनकी टीम ने उपचार एवं सर्जरी की। इस दौरान शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश मौर्य, प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संतोष तात्या, आरबीएसके प्रबंधक दिनेश मालवीय सहित आरबीएसके डीईआईसी की टीम उपस्थित रही। उपचार की पूरी प्रक्रिया बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई।