मनासा। ग्राम बर्डियाजागीर के समस्त ग्रामवासियों एवं ओढ़ समाज के लोगों ने थाना मनासा पहुंचकर गांव से पश्चिम दिशा में स्थित पारसोली माता एवं बालाजी मंदिर परिसर तथा मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर कथित अतिक्रमण को लेकर थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा। आवेदन में ग्रामीणों ने ग्राम निवासी शिवनारायण पिता मांगीलालजी कुमावत के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि बर्डियाजागीर से उचेड़ जाने वाले कच्चे रास्ते पर गांव से करीब 500-600 मीटर की दूरी पर ओढ़ समाज की कुलदेवी पारसोली माता एवं बालाजी मंदिर स्थित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के समीप कृषि भूमि के मालिक द्वारा मंदिर परिसर में अतिक्रमण किया गया तथा मंदिरों में तोड़फोड़ कर झंडे उखाड़कर फेंके गए। साथ ही मंदिर परिसर में शराब का सेवन कर शराब की बोतलें एवं डिस्पोजल फेंकने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर तार फेंसिंग एवं खंभे लगाकर मार्ग को संकरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा खेत से लगे करीब 8 फीट गहरे शासकीय नाले को मिट्टी से भरकर बंद करने की बात भी आवेदन में कही गई है। ग्रामीणों के अनुसार इससे श्रद्धालुओं को मंदिर आने-जाने में परेशानी हो रही है।
आवेदन में आरोप लगाया गया कि अतिक्रमण का विरोध करने पर श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया जाता है। साथ ही शासकीय भूमि एवं रास्ते पर कब्जे के पूर्व के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से मांग की कि मामले का तत्काल स्थल निरीक्षण करवाकर कथित अतिक्रमण हटाया जाए, शासकीय नाले को पुनः चालू करवाया जाए तथा जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि नाला बंद होने से बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है, जिससे आसपास के किसानों को भी नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर और सार्वजनिक रास्ते की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।