नीमच। देशभर से आए संत-महात्माओं के विशाल समागम से नीमच शहर धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। दो दिवसीय आयोजन में 22 राज्यों से बड़ी संख्या में संतों ने सहभागिता की। समागम के दौरान नागा साधुओं एवं संत-महात्माओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें रथ, बग्गियां और बैंड-बाजे आकर्षण का केंद्र रहे।
शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टाउन हॉल स्थित दशहरा मैदान पहुंची, जहां विशाल धर्मसभा एवं राष्ट्रीय संत सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए संत-महात्माओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, धर्म एवं समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
आर्यावृत्त षड्दर्शन साधु मंडल भारत के प्रदेश अध्यक्ष महंत जितेंद्रदास महाराज एवं महंत अरविंदानंद सरस्वती के अनुसार आयोजन का मुख्य उद्देश्य ज्ञान, गंगा, गगन और गौ के माध्यम से सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा गौसेवा के प्रति समाज को प्रेरित करना है।
सम्मेलन में संतों एवं पुजारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। संतों ने समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संतों के साथ नागा साधुओं की मौजूदगी विशेष आकर्षण रही। शहर में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से जगह-जगह संतों का स्वागत किया गया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं।
विशाल संत समागम, भव्य शोभायात्रा और राष्ट्रीय संत सम्मेलन के आयोजन से नीमच शहर में दिनभर भक्तिमय एवं धार्मिक वातावरण बना रहा।