नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जनसुनवाई में आर्थिक रूप से जरूरतमंद आवेदकों की परिस्थितियों को संवेदनशीलता से समझते हुए विभिन्न प्रकरणों में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से कुल 93 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने संबंधित हितग्राहियों को सहायता राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। यह सहायता उपचार, शिक्षा, स्वरोजगार एवं तात्कालिक जीवन-यापन जैसी जरूरतों के लिए प्रदान की गई है।
एक आवेदिका ने अपनी पुत्री के प्रसव संबंधी उपचार के लिए आर्थिक सहायता का अनुरोध किया था। आर्थिक स्थिति एवं उपचार की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से 20 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत कर भुगतान के निर्देश दिए। आवेदिका को उपचार के लिए पूर्व में भी एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
एक पैर से दिव्यांग आवेदक ने आर्थिक कठिनाइयों के चलते चाय की दुकान शुरू कर स्वरोजगार करने के लिए सहायता मांगी थी। आवेदक की स्थिति और स्वरोजगार की इच्छा को देखते हुए 10 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत की गई।
इसी तरह एक आवेदिका ने अपने पुत्र के कैंसर उपचार के लिए आर्थिक सहायता मांगी। परिवार द्वारा उपचार के लिए खेत बेचकर राशि जुटाने और जयपुर में इलाज के लिए आने-जाने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रकरण में 15 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत की गई।
एक अन्य आवेदिका ने हृदय रोग से पीड़ित अपने पुत्र के उपचार एवं स्कूल फीस के लिए सहायता मांगी। बच्चे का इंदौर में ऑपरेशन हो चुका है और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। प्रकरण में 8 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत कर स्कूल फीस के भुगतान के निर्देश दिए गए।
एक निराश्रित महिला ने पति एवं एक पुत्र की मृत्यु तथा दूसरे पुत्र के अलग रहने के कारण आय का कोई साधन नहीं होने और जीवन-यापन में कठिनाई की जानकारी दी। महिला की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी से 5 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता स्वीकृत की।
वहीं, माता के निधन के बाद दो छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी देने वाली एक आवेदिका ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों की शिक्षा की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए 35 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत कर भुगतान के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की संवेदनशील पहल से जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का केवल औपचारिक निराकरण ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि जरूरतमंदों की वास्तविक परिस्थितियों और तत्काल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उपचार, शिक्षा, स्वरोजगार और जीवन-यापन जैसी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों को राहत मिल रही है।