नीमच। जिले में आगामी त्योहारों एवं धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हिमांशु चंद्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 28 नवंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
आदेश के तहत कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि पर आपत्तिजनक पोस्ट या सामग्री अपलोड करने, उसे लाइक, कमेंट अथवा शेयर करने पर रोक रहेगी।
जिले में मोबाइल कंपनियों एवं विक्रेताओं को आवश्यक दस्तावेजों के बिना सिम कार्ड वितरित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। मकान मालिकों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मालिकों एवं प्रबंधकों को किरायेदार रखने से पहले उसका पूरा विवरण संबंधित थाना प्रभारी को देना अनिवार्य होगा।
कर्मचारियों और बाहरी श्रमिकों की जानकारी देना जरूरी-
होटल, लॉज एवं धर्मशाला संचालकों सहित व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मालिकों एवं प्रबंधकों को कर्मचारियों, नौकर, चौकीदार और सुरक्षा गार्ड आदि के निवास एवं चाल-चलन से संबंधित जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। किसी नए कर्मचारी को काम पर रखने से पहले उसका संपूर्ण विवरण भी पुलिस को देना अनिवार्य किया गया है। निर्माण कार्यों में नियोजित स्थायी, अस्थायी एवं बाहर से लाए गए दैनिक मजदूरों और श्रमिकों की संपूर्ण जानकारी उनके स्थायी पते सहित 7 दिवस के भीतर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी।
ध्वनि यंत्रों और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक-
त्योहारों एवं विभिन्न आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के संबंध में सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। धार्मिक आयोजनों के दौरान आग्नेय शस्त्रों एवं अन्य घातक अस्त्र-शस्त्रों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध लाइसेंसधारी शस्त्र धारकों पर भी लागू होगा। बंदूक, पिस्तौल, रिवॉल्वर, बल्लम, खंजर, शमशीर सहित ऐसे अन्य हथियार, जिनसे जनसाधारण को चोट पहुंच सकती है या लोकहित को खतरा हो, का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
जुलूस और रैली के लिए पूर्व अनुमति जरूरी-
धार्मिक आयोजन, जुलूस, रैली आदि आयोजित करने के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला दंडाधिकारी ने नागरिकों एवं आयोजकों से आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई-
प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। आदेश 28 नवंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।