भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में नेताओं के स्वागत-सत्कार और व्यक्तिगत प्रचार को लेकर सख्त नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जेसीबी से फूल बरसाने और महंगे गिफ्ट देने की परंपरा बंद होनी चाहिए। नेताओं के स्वागत में बड़ी-बड़ी मालाओं और दिखावे के बजाय सादगी अपनाई जाए। करीब दो घंटे चली बैठक में देब ने कहा कि संगठन के कार्यक्रमों में व्यक्तिगत शक्ति प्रदर्शन की जगह पार्टी की कार्यसंस्कृति और सरकार के काम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
होर्डिंग में नेता नहीं, सरकार की योजनाएं दिखें
देब ने पदाधिकारियों से कहा कि होर्डिंग और बैनर में नेताओं की बड़ी तस्वीरें लगाने के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रमुखता दी जाए। जनता तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि सरकार ने क्या काम किए हैं और योजनाओं का लाभ लोगों तक कैसे पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का माध्यम बनें, व्यक्तिगत प्रचार का नहीं।
तीन महीने में गुटबाजी सुलझाने का टारगेट
बैठक में संभाग और जिला प्रभारियों को स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और नाराजगी दूर करने के लिए तीन महीने की समयसीमा भी दी गई। देब ने कहा कि जिलों और संभागों में आपसी विवाद बातचीत के जरिए सुलझाए जाएं। समझाइश के बाद भी यदि कोई कार्यकर्ता या पदाधिकारी संगठन की बात नहीं मानता है तो उसका नाम और मोबाइल नंबर प्रदेश नेतृत्व को भेजने के निर्देश दिए गए।
बोले-शालीनता भाजपा का सबसे बड़ा आभूषण
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देब ने कहा कि भाजपा सत्ता में केवल सत्ता के लिए नहीं आती, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक काम पहुंचाने के लिए सत्ता में आती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नीचे तक पहुंचाना और उसका फॉलोअप करना संगठन का दायित्व है।
बड़े नेताओं के बीच समन्वय के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि संगठन में कोई नेता बड़ा या छोटा नहीं होता, बल्कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ संगठन को मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, शालीनता भाजपा का सबसे बड़ा आभूषण है।
गांव और बूथ तक जाएंगे देब
देब ने कहा कि वे संगठन के व्यक्ति हैं और कार्यकर्ताओं से सीखने के लिए मध्यप्रदेश आए हैं। आने वाले समय में वे जिलों के साथ गांवों और बूथों तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के पास भी सीखने के लिए बहुत कुछ होता है। उन्होंने अगले दो-तीन महीनों में संगठन और सरकार के काम का सकारात्मक परिणाम दिखाई देने की बात कही।