नीमच। जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में संबंधित वाहन मालिकों पर कुल 1 लाख 63 हजार 921 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। निर्धारित मात्रा से अधिक एम-सैंड का परिवहन करने और बिना वैध रॉयल्टी पास के खंडा पत्थर ले जाने के मामलों में यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संबंधित वाहन मालिकों को 15 दिवस के भीतर शास्ति की राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत की गई है।
सिंगोली में एम-सैंड के अधिक परिवहन पर 1.35 लाख की शास्ति-
जिला खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को तहसील सिंगोली के ग्राम हाथीपुरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान डंपर क्रमांक RJ09GE6875 से एम-सैंड का परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक के पास वैध रॉयल्टी पास मौजूद था, लेकिन उसमें दर्ज मात्रा से अधिक खनिज का परिवहन पाया गया।
इस मामले में वाहन मालिक रिषभ पिता देवीलाल गुर्जर, निवासी क्रासिक क्राउन कॉलोनी, इंदिरा नगर, नीमच के विरुद्ध कार्रवाई की गई। नियमानुसार रॉयल्टी की 15 गुना राशि 6,750 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के 1,28,571 रुपये सहित कुल 1,35,321 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
जावद में बिना रॉयल्टी पास खंडा पत्थर का परिवहन-
इसी प्रकार, 17 अक्टूबर 2026 को तहसील जावद के ग्राम कुण्डला में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ट्रैक्टर क्रमांक MP44AB5806 से खंडा पत्थर का परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन चालक के पास वैध रॉयल्टी पास नहीं मिला। इस पर वाहन जब्त कर पुलिस थाना जावद में सुरक्षित रखवाया गया।
इस प्रकरण में वाहन मालिक भगतराम पिता बगदीराम भुवाई, निवासी ग्राम कुण्डला, तहसील जावद के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के 25,000 रुपये सहित कुल 28,600 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
15 दिन में राशि जमा नहीं करने पर होगी वसूली-
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संबंधित वाहन मालिकों को अधिरोपित शास्ति की राशि 15 दिवस के भीतर शासकीय कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। राशि जमा होने की पुष्टि के बाद नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा।
निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और शास्ति की वसूली भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह की जाएगी।