मंदसौर। आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा और जिले में अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं निर्माण पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, नियमित जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बताया कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल का गठन किया गया है। इसमें खाद्य सुरक्षा, दुग्ध महासंघ, पुलिस, नापतौल और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह दल जिले में आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेगा।
चलित लैब से मौके पर होगी जांच-
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के लिए चलित लैब की व्यवस्था की जाए। यह लैब जिले में भ्रमण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लेगी और मौके पर ही जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। इसके लिए जिले में ब्लॉक स्तर पर नमूना संग्रहण का रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। चलित लैब की व्यवस्था जनभागीदारी अथवा शासन स्तर से जल्द की जाएगी।
लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के निर्देश-
बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्याम सिंह रावत द्वारा निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों के नमूने लेने में कोताही के मामले को गंभीरता से लिया गया। कलेक्टर ने उनके निलंबन के संबंध में शासन स्तर पर कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए।
15 लाइसेंस-पंजीयन तत्काल निरस्त करने के निर्देश
बैठक में 1 अप्रैल 2026 से अक्टूबर 2026 तक लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट की समीक्षा की गई। रिपोर्ट में अमानक, मिथ्याछाप एवं असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों से संबंधित 15 पंजीयन एवं लाइसेंस तत्काल निरस्त करने के निर्देश कलेक्टर ने जारी किए।
जागरूकता शिविर लगाकर शुद्धता के प्रति करेंगे जागरूक-
कलेक्टर ने नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में अशुद्ध खाद्य पदार्थों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। शिविरों के माध्यम से खाद्य पदार्थों का निर्माण, क्रय-विक्रय करने वालों को स्वच्छता एवं शुद्धता बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
हर महीने होगी समीक्षा बैठक-
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अब प्रत्येक माह कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। आगामी बैठक 23 नवंबर को कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में आयोजित करने के निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अमानक खाद्य पदार्थों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए निरंतर कार्रवाई करने के सुझाव दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी नारायण सिंह चंद्रावत, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मंगल रैकवार, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अंकिता पंड्या सहित उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि मिथुन वाप्ता एवं विनोद गुप्ता, खाद्य व्यवस्था से जुड़े शरद धिंग एवं अरुण शर्मा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।