उज्जैन। बारिश के चलते जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार शाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के नाम एसडीएम पवन बारिया को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन में मांगों पर निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा।
शाम करीब 5 बजे बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कोठी रोड स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं तराना विधायक महेश परमार ने कहा कि इस वर्ष जिले में बारिश की स्थिति चिंताजनक है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए।
किसानों की राहत और कर्ज वसूली रोकने की मांग
ज्ञापन में किसानों से बैंकों, सहकारी समितियों और अन्य ऋणों की वसूली रोकने, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की बकाया फसल बीमा राशि तत्काल देने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की गई। कांग्रेस ने सूखे की स्थिति में कृषि मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार व राहत की व्यवस्था करने की भी मांग रखी।
नेताओं ने बिजली कटौती बंद करने, बकाया बिजली बिलों की वसूली रोकने और चार महीने तक बिजली कनेक्शन नि:शुल्क करने की मांग की। नर्मदा जल की पाइपलाइन वाले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराने के साथ शहर में पर्याप्त प्रेशर से जलापूर्ति करने, गंदे पानी की सप्लाई रोकने और टूटी पाइपलाइन दुरुस्त करने की मांग भी की गई।
पेयजल और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नवंबर से अप्रैल के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और पशुओं के लिए पानी का संकट बढ़ सकता है। इसलिए अभी से वैकल्पिक व्यवस्था करने और उपलब्ध पानी का संरक्षण करने की जरूरत है।
एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि कांग्रेस पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा है। मांगों से संबंधित विभागों और सक्षम अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से संबंधित विभागों को पहले ही आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और निराकरण की कार्रवाई चल रही है। उन्हेल की दुकानों से संबंधित ज्ञापन भी कलेक्टर तक पहुंचाया जाएगा।