चित्तौड़गढ़। राज्य कर्मचारियों के सरेंडर उपार्जित अवकाश (पीएल) के नगदीकरण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय स्वत्वों के भुगतान में हो रही देरी को लेकर कर्मचारी वर्ग में रोष व्याप्त है। इस संबंध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला अध्यक्ष कमल कुमार मीणा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि वित्तीय वर्ष के छह माह बीत जाने के बावजूद राज्य कर्मचारियों के समर्पित उपार्जित अवकाश (सरेंडर पीएल) का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि यह भुगतान सामान्यतः अप्रैल माह के वेतन के साथ किया जाता है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ), राज्य बीमा (एसआई), पेंशन कम्युटेशन, एरियर, उपार्जित अवकाश के नगदीकरण और उपदान (ग्रेच्युटी) जैसी देय राशि प्राप्त करने में आठ से दस माह तक का विलंब हो रहा है।
महासंघ ने मांग की कि सरेंडर पीएल का बकाया भुगतान तत्काल किया जाए तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित वित्तीय स्वत्वों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। साथ ही शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को बीएलओ के कार्य से मुक्त करने की मांग भी उठाई गई। महासंघ ने कहा कि दीपावली से पहले कर्मचारियों और बुजुर्ग सेवानिवृत्त कार्मिकों को आर्थिक राहत देने के लिए भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जिला अध्यक्ष कमल कुमार मीणा और कर्मचारी नेता भारत सिंह राठौड़ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी तीन दिनों में भुगतान नहीं किया गया, तो महासंघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी-
महासंघ ने आंदोलन की रूपरेखा बताते हुए कहा कि दूसरे चरण में पंचायती राज चुनाव के मतदान प्रणाली प्रशिक्षण के दौरान भोजन और नाश्ते का बहिष्कार किया जाएगा। तीसरे चरण में मतदान दिवस पर मतदान दलों द्वारा उपवास सत्याग्रह किया जाएगा। वहीं, चौथे चरण में 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री के आवास पर कर्मचारियों द्वारा ‘काली दीपावली’ मनाने की चेतावनी दी गई है।
इस अवसर पर राम खिलाड़ी मीणा, कालूराम बेरवा, जीतराम मैहर, लोकेश प्रजापत, राधेश्याम यादव, सोहनलाल मीणा, नरेंद्र लोट, सुरेश चरण, विशाल सालवी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी राजेश कुमार मीणा ने दी।