भोपाल। आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ 'जोहार' बोलने पर कथित अभद्रता के मामले में आलीराजपुर में आदिवासी समाज ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
समाज ने मिसरोद थाना प्रभारी रतनलाल सिंह परिहार के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, पीड़ित विद्यार्थियों की सुरक्षा और एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी की।
वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी के कथित व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने वायरल वीडियो और अन्य सबूतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। समाज का कहना है कि 'जोहार' आदिवासी संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक है। विद्यार्थियों के साथ उनकी पहचान के कारण अपमानजनक व्यवहार का मामला गंभीर है।
आरोप साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि जांच समय पर पूरी की जाए और आरोप साबित होने पर कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध साबित होने पर संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।
टीआई निलंबित, छात्रों की सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में बताया गया कि 14 अक्टूबर को भोपाल के पुलिस उपायुक्त, जोन-2 ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। समाज ने पीड़ित विद्यार्थियों को सुरक्षा देने और भयमुक्त माहौल में उनके बयान दर्ज कराने की मांग भी की।
ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुकेश रावत, नितेश अलावा, विक्रम चौहान, मालसिंह तोमर, रितु लोहार, सुमसिंह रावत, भीलसिंह चौहान, भूपेंद्र रावत, सुनील सोलंकी, भूरू मंडलोई, देवीसिंह सोलंकी, संजय भूरिया, सुरेश सेमलिया, आशु भयड़िया, बबलू रावत, राहुल सस्तिया और गणेश किराड सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।