BREAKING NEWS
NEWS : नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य खुद मैदान.. <<     KHABAR : पुलिस लाइन झाबुआ में ‘जन सुरक्षा युवा.. <<     NEWS : नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य की अगुवाई.. <<     KHABAR : सेवा निवृत्ति पर बीपीओ बृजेश रावत को नम.. <<     BIG NEWS : किराना दुकान की आड़ में चल रहा था शराब का.. <<     BIG NEWS : दो दिन तक समझाया, चेतावनी भी दी, फिर भी.. <<     KHABAR : साइबर ठगों का बड़ा शिकार, रिटायर्ड शिक्षक.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे महेश चन्द्र सोनी, परिवार में.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     HOROSCOPE TODAY : मेष-वृषभ सहित इन राशि वालों का भाग्य.. <<     NEWS : पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज, छोटी सादड़ी.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राष्ट्रीय एकता दिवस पर कृति संस्था ने.. <<     EXCLUSIVE INTERVIEW: दिल्ली तक पहुंचे नेता, फिर भी किसान.. <<     KHABAR : थाना शुजालपुर मण्डी पुलिस को मिली बड़ी.. <<     KHABAR : कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 23, 2026, 11:35 am
KHABAR : बंगाली समाज का पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव संपन्न, मां दुर्गा की प्रतिमाओं का किया विसर्जन, भक्ति गीतों पर नाचते-गाते निकाला विसर्जन जुलूस, कोलकाता से आते हैं प्रतिमाएं बनाने वाले कलाकार, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। ग्वालटोली स्थित बंगाली कॉलोनी में बंगाली समाज द्वारा आयोजित पांच दिवसीय शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव गुरुवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजजनों ने भक्ति गीतों पर नाचते-गाते हुए विसर्जन जुलूस निकाला और नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी।
बंगाली समाज में दुर्गा पूजा का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। महोत्सव के दौरान षष्ठी से दशमी तक पांच दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

आयोजन की विशेषता यह है कि मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार करने के लिए विशेष रूप से कोलकाता से कलाकार नीमच आते हैं। उनके द्वारा तैयार की गई प्रतिमाएं महोत्सव के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं।
समाजजनों ने बताया कि दुर्गा पूजा बंगाली समाज की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह महोत्सव समाज के लोगों को एकजुट करने के साथ ही आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE