खरगोन। जिले के कसरावद के ग्राम पंचायत पीपलगोन के ग्राम सातधारा के वार्ड नं. 15, 16 भील मोहल्ले के ग्रामीणों ने एसडीएम कसरावद को आवेदन देकर अपनी भूमि को आबादी में घोषित करने की मांग की है।
क्या है मामला -
ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम पीपलगोन, प.ह.नं. 70 में स्थित भूमि खसरा नं. 325/5 रकबा 3.0010 हे. शासकीय भूमि रास्ता निस्तारी एवं खसरा नं. 328 रकबा 1.150 हे. चरनोई की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में म.प्र. शासन के नाम दर्ज है।
इसी भूमि पर वार्ड नं. 15, 16 में भील आदिवासी समाज के करीब 300 परिवारों के 959 सदस्य निवास कर रहे हैं, जिसमें एस.टी., एस.सी. एवं ओ.बी.सी. वर्ग के लोग शामिल हैं। ये परिवार वर्ष 1952 से यहाँ मकान बनाकर रह रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड नं. 15, 16 अभी तक आबादी में घोषित नहीं होने के कारण शासन की किसी भी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। न तो आवासीय पट्टा मिल रहा है और न ही प्रधानमंत्री आवास, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ।
इस संबंध में ग्राम पंचायत द्वारा ठहराव प्रस्ताव भी पारित किया गया है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नं. 325 एवं 328 की भूमि को शीघ्र आबादी में घोषित कर 300 परिवारों को पट्टा प्रदान किया जाए।