चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) चित्तौड़गढ़ ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में दो साल से फरार चल रहे 5,000 के इनामी वांछित आरोपी सत्यनारायण उर्फ सत्तू जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राम तुर्किया कलां, थाना कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ का निवासी है। डीएसटी ने पिछले पांच दिनों में कुल 25,000 के इनामी चार आरोपियों को डिटेन कर संबंधित थानों की पुलिस को सुपुर्द किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सत्यनारायण उर्फ सत्तू जाट जिला भीलवाड़ा के रायला थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में करीब दो साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भीलवाड़ा की ओर से 5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 27 अक्टूबर 2026 को तुर्किया कलां गांव में दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने खेतों की ओर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे डिटेन कर लिया। इसके बाद आरोपी को चंदेरिया थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया। अग्रिम अनुसंधान और वैधानिक कार्रवाई के लिए उसे रायला थाना, जिला भीलवाड़ा पुलिस को सौंपा गया।
कार्रवाई में एएसआई सूरज कुमार के साथ कांस्टेबल अरविंद, कृष्णकांत, अशोक, वीरेंद्र, मनोज, रमेशचंद्र और वीरेंद्र सहित साइबर सेल के एएसआई राजकुमार की भूमिका रही।
पांच दिन में चार इनामी आरोपी डिटेन-
डीएसटी चित्तौड़गढ़ ने पिछले पांच दिनों में अलग-अलग मामलों में चार इनामी आरोपियों को डिटेन किया है। इनमें चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र का ₹10,000 का इनामी नवीन खटीक, भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र के ₹5,000-₹5,000 के इनामी गोकुल भील और सत्यनारायण जाट तथा जयपुर के पूर्व जिले के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र का ₹5,000 का इनामी युवराज सिंह शामिल हैं। सभी आरोपियों को संबंधित थानों की पुलिस के सुपुर्द किया गया। इस तरह डीएसटी ने कुल ₹25,000 के इनामी चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।