BREAKING NEWS
NEWS : नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य खुद मैदान.. <<     KHABAR : पुलिस लाइन झाबुआ में ‘जन सुरक्षा युवा.. <<     NEWS : नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य की अगुवाई.. <<     KHABAR : सेवा निवृत्ति पर बीपीओ बृजेश रावत को नम.. <<     BIG NEWS : किराना दुकान की आड़ में चल रहा था शराब का.. <<     BIG NEWS : दो दिन तक समझाया, चेतावनी भी दी, फिर भी.. <<     KHABAR : साइबर ठगों का बड़ा शिकार, रिटायर्ड शिक्षक.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे महेश चन्द्र सोनी, परिवार में.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     HOROSCOPE TODAY : मेष-वृषभ सहित इन राशि वालों का भाग्य.. <<     NEWS : पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज, छोटी सादड़ी.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राष्ट्रीय एकता दिवस पर कृति संस्था ने.. <<     EXCLUSIVE INTERVIEW: दिल्ली तक पहुंचे नेता, फिर भी किसान.. <<     KHABAR : थाना शुजालपुर मण्डी पुलिस को मिली बड़ी.. <<     KHABAR : कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 30, 2026, 11:22 am
NEWS : करवा चौथ सिर्फ व्रत नहीं, आत्मा के आध्यात्मिक जागरण का संदेश, राजयोगिनी आशा दीदी ने समझाया पर्व का गहरा रहस्य, पढे़ रेखा खाबिया की खबर

Share On:-

चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पर राजयोगिनी आशा दीदी ने आध्यात्मिक प्रवचन के माध्यम से करवा चौथ का वास्तविक महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि करवा चौथ का पर्व पति की लंबी आयु की कामना के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान, पवित्रता और आत्मिक जागृति का संदेश भी देता है।

आशा दीदी ने बताया कि सतयुग और त्रेतायुग में आत्माओं का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और पवित्रता से परिपूर्ण था। द्वापर युग में मनुष्य स्वयं को शरीर समझने लगा, जिसके कारण काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे पांच विकार जीवन में प्रवेश करने लगे। इन विकारों के कारण जीवन में दुख और अशांति बढ़ने लगी।

उन्होंने करवा चौथ का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए कहा कि ‘करवा’ ज्ञान के कलश का प्रतीक है, जबकि ‘चौथ’ का संबंध कल्प के चौथे युग अर्थात कलियुग से बताया गया है। इस समय परमपिता परमात्मा अपने ज्ञान और शक्तियों के माध्यम से आत्माओं को जागृत कर उन्हें पवित्रता और श्रेष्ठ गुणों से युक्त बनने की प्रेरणा देते हैं।

राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि परमात्मा से प्राप्त आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में धारण करके आत्माएं अपने मूल स्वरूप को पहचान सकती हैं और सुख, शांति तथा पवित्रता की ओर अग्रसर हो सकती हैं। इस ज्ञान का उद्देश्य मनुष्य को पांच विकारों से मुक्त कर श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने सभी से आह्वान किया कि करवा चौथ के पर्व को केवल परंपरा और व्रत तक सीमित न रखें, बल्कि इसके आध्यात्मिक संदेश को भी समझें। अपने जीवन में पवित्रता, प्रेम, शांति और सद्गुणों को अपनाकर परिवार तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का संकल्प लें।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE