KHABAR : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर राजनगर में विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी, अंत्योदय और एकात्म मानववाद पर हुआ मंथन, पढे़ भरत यादव की खबर
छतरपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर छतरपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनगर में जन अभियान परिषद के द्वारा विकास खंड स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रशिक्षण प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्याम बाबू त्रिवेदी और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रसार प्रमुख अनुपम गुप्ता ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम में जितेन्द्र सिंह द्वारा मां भारती का गायन किया गया। वहीं अनुपम गुप्ता ने सभी अतिथियों का परिचय देते हुए स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्याम त्रिवेदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन दर्शन, अंत्योदय और एकात्म मानववाद पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया पं दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म 25 सितंबर 1916 नगला चंद्रभान गांव मथुरा में हुआ। बचपन में ही माता-पिता का निधनहोने से नाना के घर पले-बढ़े 1937 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े, आजीवन प्रचारक रहे, 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ भारतीय जनसंघ की स्थापना की महामंत्री बने,1967 में जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 25 सितंबर से उनकी 109 वीं जयंती साप्ताहिक पखवाड़ा के रूप में मनाई जा रही है और राजनगर में भी उसी उपलक्ष्य में संगोष्ठी हुई है। इस संगोष्ठी में जन अभियान परिषद विकास खंड राजनगर के नवांकुर संस्था प्रतिनिधि, प्रस्फुटन समिति के प्रतिनिधि, बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं और परामर्शदाता मौजूद रहे।