आधा दिसंबर बीत चुका है, लेकिन प्रदेश में अब तक ठंड जोर नहीं पकड़ सकी है। मैंडूस साइक्लोन की वजह से तापमान के तेवर कुछ नरम जरूर पड़े थे। लेकिन वो भी सिर्फ एक ही दिन यानी 13 दिसंबर को, जब ठंड का एहसास हुआ था। उस दिन इतनी ठंड पड़ी थी कि तीन साल बाद दिसंबर के शुरुआती दो सप्ताह में दिन का पारा 19 डिग्री के नीचे 18.8 डिग्री सेल्सियस तक आया था।
भोपाल में वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि इंदौर, ग्वालियर और चंबल में रात का तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री कम रहेगा, जबकि भोपाल-जबलपुर में सामान्य और सागर में रात का पारा सामान्य से ज्यादा रहेगा। दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार नहीं हैं। जनवरी और फरवरी में कंपाने वाली ठंड पड़ेगी। जनवरी में बारिश हो सकती है। ओले गिरने की भी संभावना है।