नई दिल्ली। सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थाल घोषित करने को लेकर लगातार जैन समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे थे। झारखंड सरकार द्वारा सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल का दर्जा देने के फैसले से नाराज लोगों ने सिर्फ मध्य प्रदेश और झारखण्ड ही नहीं बल्कि कई राज्य के लोगों ने इसका विरोध किया। जिसके चलते अब झारखंड सरकार ने सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थाल घोषित करने के फैसले को वापस ले लिया है।
इस बात की जानकारी देते हुए झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सम्मेद शिखर को पर्यटन नहीं बल्कि तीर्थ क्षेत्र के रूप में ही पहचान रहेगी। लगातार जैन समाज के विरोध को देखते हुए झारखंड सरकार ने अपने फैसले को बदल दिया है।
जैन समाज के महातीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के विरोध में बुधवार को मध्यप्रदेश में जमकर विरोध देखने को मिल रहा है, एक दिन पहले से किए गए भारत बंद के आह्वान के तहत सुबह से इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, देवास, मंदसौर, नीमच सहित सभी बड़े शहर सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में बंद का असर देखा गया, जैन समाजजनों ने तो इस दिन दुकानें खोली हीं नहीं, वहीं अन्य दुकानें भी बंद रही।
श्री सम्मेद शिखर जी जैन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकर भगवान और असंख्य महामुनिराजों ने इसी पवित्र भूमि से तपस्या कर निर्वाण प्राप्त किया है। झारखंड सरकार ने इसे टूरिज्म स्पॉट बनाने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इसी का विरोध किया जा रहा था। वही सरकार द्वारा फैसले को वापस लेने को लेकर जैन समुदाय के लोग काफी खुश है।