BREAKING NEWS
KHABAR : बिस्टान में हरियाली के नाम पर खानापूर्ति,.. <<     स्क्रैप गोदाम में आखिर ऐसा क्या मिला? तीन.. <<     BIG NEWS : कांग्रेस हाईकमान का बड़ा एक्शन, दिल्ली.. <<     BIG NEWS : दूसरे प्रदेश के अधिकारियों को नीमच मंडी.. <<     KHABAR : जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का इंतजार, नर्सिंग.. <<     BIG UPDATE: दिल्ली की वोट चोरी रैली से दूरी पड़ी.. <<     HEADLINES : MP की 7 बड़ी खबरें एक साथ, अपराध, सियासत और.. <<     NEWS : राजस्थान में पांच साल बाद सरकारी स्कूलों.. <<     KHABAR : त्योहार पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं,.. <<     KHABAR : सीएमओ के घर में घुसकर धमकाने का आरोप,.. <<     KHABAR : सीएम राइज सांदीपनि विद्यालय मल्हारगढ़ में.. <<     मुरैना में कॉलेज छात्रों से भरी बस पर हमला,.. <<     BIG REPORT : दूध डेयरी पर प्रशासन की दस्तक, पनीर की.. <<     BREAKING : गरोठ 8-लेन पर काल बनकर दौड़ा ट्रक! बाइक.. <<     पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के बच्चों के साथ.. <<     BIG NEWS : गरोठ 8-लेन कनेक्टिविटी मार्ग पर मौत बनकर.. <<     KHABAR : बजरंग दल-विहिप ने दुकानों के खिलाफ दिया.. <<     खातेगांव TI हत्याकांड में पुलिस को दूसरी.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 27, 2023, 5:37 pm
BIG NEWS : जब अफीम की फसल में आई बीमारी तो किसान पहुंचे कृषि विभाग, फिर जैसे ही वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण तो सामने आई ये बड़ी बात, जानिए अधिकारियों ने ऐसा क्यों कहा कृषि दवाइयों के बेचने वालो को लेकर, पढ़े रेखा खाबिया की खबर  

Share On:-

चित्तौड़गढ़ । कृषि (विस्तार) जिला परिषद चित्तौड़गढ़ के अधिकारियों एवं वैज्ञानिको की संयुक्त टीम ने पंचायत समिति भदेसर के सोनियाणा, रेवलिया कला, दौलतपुरा, सुरपुर, पीपलवास, मुरलिया आदि गांवों का दौरा कर अफ़ीम की फसल में खराबे की जांच की। जांच में रसायनों के अधिक इस्तेमाल से अफीम की फसल में खराबे की बात सामने आई हैं। विभाग ने किसानों को अपने क्षेत्र में कार्यरत कृषि कार्मिको से सम्पर्क कर कीटनाशक रसायनो का छिड़काव करने की सलाह दी हैं।

उप निदेशक कृषि (आईपीएम) ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि अफीम एक नकदी फसल होने से किसानों में भ्रांति है कि रसायनों के ज्यादा उपयोग करने से अफीम फसल में दूध की मात्रा बढेगी एवं उत्पादन ज्यादा होगा इस हेतु बिना जानकारी लिए अत्यधिक कीटनाशक रसायनों एवं रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते है जो हानिकारक है।

कृषि खण्ड भीलवाडा एवं कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा के पूर्व डीन डॉ किशन जीनगर ने बताया कि कृषकों ने पौधो की बढ़वार के लिए जिब्रेलिक एसिटिक एसिड एवं नेफथेलिन एसिटिक एसिड का बिना सलाह के उपयोग किया गया जो कि अफीम की फसल के लिए घातक सिद्ध हुआ हैं। किसानों से वार्ता करने के पश्चात भ्रमण दल के संज्ञान में आया कि निम्बाहेडा में स्थित ई-किसान आदान विक्रेता द्वारा क्षेत्र के कई किसानों को गुमराह करते हुए अफीम की फसल में दूध की मात्रा बढ़ने एवं अफीम फसल अच्छी होने की बात कहते हुए अत्यधिक मात्रा में पौध बढ़वार रसायनों का उपयोग करने हेतु विक्रय किया गया। अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) भीलवाड़ा कार्यालय के दिलीप सिंह, सहायक निदेशक (पौध संरक्षण) ने बताया कि कृषि आदान लेते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लेवें ताकि फसल खराब होने की स्थिति में कृषि आदान विक्रेता पर नियमानुसार कार्यवाई की जा सके।

अफ़ीम में होने वाले रोग एवं उसके उपचार-

बारनी कृषि अनुसंधान केन्द्र आरजिया भीलवाडा के पौध व्याधि वैज्ञानिक डॉ ललित छाता ने बताया कि अफीम फसल मुख्य रूप में डाउनी मिल्ड्यू (काली मस्सी) पाउडरी मिल्ड्यू, जड गलन, डोडा सडन एवं तना सडन आदि रोग आते है तथा समय पर पता लगने पर इनका उपचार संभव है। डॉ छाता ने जड गलन, तना सडन एवं डाउनी मिल्ड्यू (काली मस्सी) के प्रकोप होने पर रिडोमिल एम जेड तथा डोडा लट एवं अन्य कीट आने का स्थिति में प्रोफेनोफॉस या मोनोक्रोटोफॉस आदि का छिड़काव कृषि कर्मियों से सलाह लेकर किया जा सकता हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE