नीमच। देश के विकास के लिए युवा वर्ग की मानसिकता का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। आजादी से पहले युवाओं को उस वक्त ऐसा परिवेश नहीं मिलता था। ऐसे में स्वामी विवेकानंदजी युवाओं के मार्गदर्शक बने। उन्होंने देश की युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति कर्तव्यों का बोध कराया और उन्हें सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हर युवा के लिए आदर्श है स्वामी विवेकानंद जी। यह बात विधायक दिलीपसिंह परिहार ने कही।
शनिवार सुबह 11.30 बजे स्वामी विवेकानंद पीजी कालेज सभा कक्ष में मप्र जनअभियान परिषद द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की 159 वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस उत्सव के रुप में मनाई गई। इस मौके पर जिला स्तरीय संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक परिहार ने कहा स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण ही जाना जाता है। विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं। वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता।
मप्र जनअभियान परिषद उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय के विशेष आतिथि में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपाध्यक्श विभाष उपाध्याय ने कहा स्वामी विवेकानंद ने देश की आन-बान और शान के लिए अपने निजी जीवन के समस्त सुखों का त्याग कर दिया था और अपना समस्त जीवन देश के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके बारे में जानना हर युवा के लिए बेहद अहम है। वर्तमान युग में भी युवाओं का उचित मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। वर्तमान सरकार भी ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के माध्यम से युवाओं को स्वामी विवेकानंद से परिचित कराने का अहम कार्य कर रही है। स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों की बात करें तो आम जनमानस और खासकर युवा वर्ग के मन-मस्तिष्क पर उनका कितना प्रभाव पड़ता था, इसका उनके शिकागो भाषण से बेहतरीन उदाहरण मिल सकता है। 11 सितम्बर, 1893 को जब शिकागो के ‘विश्व धर्म सम्मेलन’ में हिन्दू धर्म पर अपने प्रेरणात्मक भाषण की शुरुआत उन्होंने ‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों’ के साथ की थी तो बहुत देर तक तालियों की गड़गड़ाहट होती रही थी। दरअसल, उनसे पहले जो कोई वक्ता मंच पर आया था सभी ने लेडीज एंड जेंटलमैन से अपने संबोधन की शुरुआत की थी। ऐसे में स्वामी विवेकानंद के संबोधन की शुरुआत ही वहां मौजूद लोगों के दिलों को छू गई। केवल इतना ही नहीं उस दौरान उन्होंने अपने उस भाषण के जरिए दुनियाभर में भारतीय अध्यात्म का डंका बजाया था। मप्र जन अभियान परिषद द्वारा जिला स्तरीय युवा संवाद कार्यशाला का आयोजन के दौरान स्वामी विवेकानंद पीजी कालेज प्राचार्य वीके जैन, एसडीएम ममता खेडे,जनभागीदारी अध्यक्ष विश्वदेव शर्मा, मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन पवन कुमरावत ने किया।
बाल चित्रकार को 11 हजार का के पुरस्कार की घोषणा -
स्वामी विवेकानंदजी की 159 वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संवाद कार्यशाला में बाल चित्रकार बबलू डांगी ने विवेकानंदजी का चित्र बनाया जिसकी सभी ने प्रशंसा की और चित्रकला को काफी सराहा। चित्रकार का हौसला बढाने के लिए 11 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की।