नीमच। धर्म की ओट में महापुरुषों के नाम पर नशा हिंसा और बुराइयों को महामंडित करने वाला मानवता और धर्म का सबसे बड़ा दुश्मन है। विश्व के सभी धर्म के महापुरुष का मुख्य लक्ष्य रहा है बुराइयों से मुक्ति दिलाना और अच्छाइयों को आगे बढ़ाना। नशा आध्यात्मिकता सामाजिकता और मानवता के नाम पर कलंक है। नशा मुक्त मानव धार्मिकता में प्रवेश कर सकता है। नशा सामाजिक बुराई है इससे बचना ही समाज विकास का प्रमुख कारण है।
यह बात राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कही। वे शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर जमुनिया कला महावीर भवन में 17 फरवरी शुक्रवार सुबह आयोजित धर्म सभा में बोल रहे थे ।उन्होंने भगवान शिव की दुहाई देकर भांग नशा आदि सेवन करने वालों से अनुरोध किया है कि शिव जी ने जहर पचाया आप भी एक बार आप भी सामाजिक बुराई के जहर हजम कर ले बाद में आगे का सोचे, महापुरुषों के जीवन से अच्छा यह अपनाने वाला ही सच्चा भक्त है वह धार्मिक का है। वही उपासना पूजा और भक्ति है।
राष्ट्र संत ने कहा कि नशा आतंकवाद से भी अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है। सभी धर्म गुरुओं को मिलकर नशा मुक्त विश्व निर्माण का संकल्प लेना ही सच्चे अर्थों में शिवरात्रि मनाना है ।ग्राम सरपंच विनोद जायसवाल ने 5 बीघा जमीन जमुनिया कला में मुनि कमलेश के चरणों में भेंटकर अनुपम गुरु भक्ति का परिचय दिया ,18 फरवरी को महाशिवरात्रि नीमच जेल में नशा मुक्त दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव अखिल भारतीय जैन जिला का विचार मंच नई दिल्ली जिला इकाई नीमच ने लिया है। अखिल भारतीय वीरवाल जैन समाज के कार्याध्यक्ष महेश वीरवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रसंत की अगवानी की। दिवाकर मंच महिला शाखा की जतन गोटा संत सेवा के मार्गदर्शन प्राप्त किया।