धनेरिया कलां। फरवरी माह में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। वहीं देसी मटके की डिमांड भी बढ़ गई है। नीमच में भी बाहर से प्रजापत समाज बड़ी संख्या में मटके लेकर अपनी दुकान सजा रहे हैं। वहीं धनेरिया कला निवासी दीपक जगदीश प्रजापत वह भी राजस्थान की छोटी सादड़ी से सर्दी में पके हुए मटके मंगवा कर अपनी दुकान सजा रहे हैं। जब जगदीश प्रजापत से वॉइस ऑफ एमपी की टीम ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सर्दी में पके हुए मटके ज्यादा ठंडे रहते हैं। वहीं गर्मी में पकाए हुए मटकों में इतना ठंडा पानी नहीं रहता है।
जगदीश प्रजापत ने बताया कि छोटी सादड़ी के मटके बहुत ही फेमस हैं। यहीं नहीं जो मटके बनाने वाले हैं उनको 3 महीने पहले ही ऑर्डर दिया जाता है जब जाकर सर्दी के पकाए मटके मिलते हैं। जब मटके बनाने वाले छोटी सादड़ी के प्रकाश प्रजापत कारीगर से पूछा तो उन्होंने बताया कि मटके बनाने में बहुत ही ज्यादा समय लगता है, लेकिन उनको पकाने में 12 घंटे लगते हैं।